सियरमऊ में भक्ति की गूंज: भव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ

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कृष्ण कांत सोनी 

रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के धार्मिक वातावरण से ओत-प्रोत ग्राम सियरमऊ में गुरुवार को आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गांव में सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के शुभारंभ से पहले भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा के दौरान महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए गांव की गलियों से गुजरीं, वहीं पुरुष और युवा भी “हर हर महादेव”, “जय श्री राम” और “बांके बिहारी लाल की जय” के जयकारों के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरे गांव का माहौल भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।

यह सात दिवसीय भागवत कथा 12 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रसिद्ध कथा वाचक सत्यम “मधुरम” जी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को कथा श्रवण का अवसर मिल रहा है। कथा स्थल पर पहले ही दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु उपस्थित हुए और भगवान की कथाओं तथा धर्म के संदेशों को श्रद्धापूर्वक सुना।

कथा के प्रथम दिवस अपने प्रवचन में सत्यम “मधुरम” जी महाराज ने सनातन धर्म की महानता और उसके व्यापक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, करुणा और आपसी सम्मान का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि हमारा सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाता है और किसी को छोटा नहीं समझता। यही सनातन की असली पहचान है कि वह समभाव और सहिष्णुता का संदेश देता है।



उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान के नाम जप की महिमा बताते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में भगवान का स्मरण और नाम जप सबसे सरल और प्रभावी साधना है। जब व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का नाम लेता है तो उसके जीवन की अनेक परेशानियां स्वतः दूर होने लगती हैं और मन को शांति प्राप्त होती है। महाराज के इन आध्यात्मिक विचारों को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।



इस धार्मिक आयोजन को लेकर गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति और शाह परिवार ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने का सादर आमंत्रण दिया है। सात दिनों तक चलने वाली इस भागवत कथा से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का वातावरण और अधिक प्रबल होने की उम्मीद है।

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