सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश की लगातार हो रही मृत्यु एवं दुर्दशा को लेकर गोभक्तों ने मंत्री उदय प्रताप सिंह जी को सौंपा ज्ञापन

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सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश की लगातार हो रही मृत्यु एवं दुर्दशा को लेकर गोभक्तों ने मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह जी को सौंपा ज्ञापन
गाडरवारा- 
गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर विचरण करने वाले गौवंश की लगातार हो रही दुर्घटनाओं, मृत्यु एवं गंभीर रूप से घायल होकर अपंग होने की घटनाओं को लेकर गोभक्तों ने माननीय कैबिनेट मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह जी के समक्ष गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए ज्ञापन सौंपा।

मंत्री जी के सेवा सदन, लक्ष्मी टाउनशिप, गाडरवारा आगमन के दौरान गोभक्तों ने उपस्थित होकर सड़क पर बेसहारा एवं निराश्रित गौवंश की समस्या, आए दिन वाहनों की चपेट में आने से हो रही गौमाताओं की मृत्यु तथा घायल होकर तड़पते गौवंश की स्थिति को उनके समक्ष रखा।

गोभक्तों द्वारा ज्ञापन के साथ पिछले एक सप्ताह में सड़क दुर्घटनाओं में मृत, दुर्घटनाग्रस्त एवं जीवित लेकिन गंभीर रूप से घायल/अपंग हुए गौवंश की रंगीन तस्वीरें भी प्रस्तुत की गईं। इन तस्वीरों के माध्यम से सड़क पर गौमाता की वास्तविक एवं चिंताजनक स्थिति को मंत्री जी के सामने रखा गया।

ज्ञापन एवं तस्वीरों को देखकर मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह जी ने गौवंश से संबंधित समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से इस विषय में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा जिला कलेक्टर को गौमाता से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पत्र लिखने एवं तत्काल निराकरण की दिशा में कार्रवाई करने का आदेश दिया।

गोभक्तों ने मंत्री जी से विशेष रूप से मांग रखी कि—
 •   जिला नरसिंहपुर स्थित  
    81शासकीय, अशासकीय 
    गौशालाओ में  निराश्रित 
   गौवंश की समुचित एवं सम्मान 
   पूर्वक व्यवस्था की जाये। 
- सड़कों पर बैठने एवं विचरण करने वाले निराश्रित गौवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की तत्काल व्यवस्था हो।
- दुर्घटनाग्रस्त एवं घायल गौमाताओं के लिए तत्काल रेस्क्यू एवं उपचार की व्यवस्था की जाए।
- गौशालाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर उनका प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।
- दुर्घटना-प्रवण मार्गों एवं स्थानों को चिन्हित कर गौवंश एवं वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए जाएँ।
- गौवंश को लावारिस छोड़ने वाले पशुपालकों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
- जिला प्रशासन, नगर निकाय, पशुपालन विभाग एवं संबंधित विभागों के समन्वय से स्थायी समाधान की व्यवस्था बनाई जाए।

गोभक्तों ने कहा कि गौमाता की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु केवल पशु समस्या नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, प्रशासनिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। समय रहते प्रभावी व्यवस्था होने से गौवंश के साथ-साथ वाहन चालकों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। ज्ञापन देते समय सभी गौभक्त और क्षेत्रीय सम्मानीय महानुभाव उपस्थित रहें ।

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