चांदपुर में अखंड रामायण पाठ और हरियाली महोत्सव का भव्य आयोजन ।क्षेत्र क्रमांक 18 की जिला पंचायत सदस्य मधु ऋषि शुक्ला की पहल, करीब 600 बहनों ने की सहभागिता।

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खैरलांजी / बालाघाट
 विकासखंड खैरलांजी के अंतर्गत आने वाले ग्राम चांदपुर स्थित देवस्थान में जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र क्रमांक 18 की सदस्य श्रीमती मधु ऋषि शुक्ला के द्वारा अखंड रामायण पाठ एवं हरियाली महोत्सव का भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन किया गया। आयोजन में खैरलांजी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में बहनों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में लगभग 600 बहनों ने उत्साहपूर्वक शामिल होकर आयोजन को भव्यता प्रदान की।आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की महिलाओं को एक मंच पर लाना, आपसी मेल-जोल एवं भाईचारे को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अंचलों की पारंपरिक संस्कृति और लोक परंपराओं को आगे बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
अखंड रामायण पाठ से शुरू हुआ धार्मिक आयोजन
देवस्थान चांदपुर में अखंड रामायण पाठ का आयोजन भक्तिभाव के साथ किया गया। रामायण पाठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बहनों ने सहभागिता की। भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और मर्यादा से जुड़े प्रसंगों का पाठ करते हुए श्रद्धालुओं ने धार्मिक वातावरण में अपनी आस्था व्यक्त की।
रामायण पाठ के दौरान देवस्थान परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने धार्मिक आयोजन में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
 👉         हवन-पूजन के साथ हुई पूर्णाहुति
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अखंड रामायण पाठ के समापन के पश्चात विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया। श्रद्धालु बहनों ने हवन में आहुति देकर भगवान से परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद हरियाली महोत्सव एवं तीज उत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
हवन-पूजन के पश्चात महिलाओं के चेहरे पर उत्साह और उमंग दिखाई दी। धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही कार्यक्रम ने सांस्कृतिक स्वरूप धारण कर लिया।
       👉तीज के पारंपरिक गीतों से गूंजा देवस्थान
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हरियाली महोत्सव के दौरान ग्रामीण बहनों ने पारंपरिक तीज के गीत प्रस्तुत किए। महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज के पारंपरिक गीत गाकर अपनी लोक संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। गीत-संगीत के बीच महिलाओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
तीज के पारंपरिक गीतों ने पूरे देवस्थान परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
  👉    बहनों को हल्दी-कुमकुम लगाकर किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मधु ऋषि शुक्ला ने उपस्थित बहनों को हल्दी-कुमकुम लगाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही सुहाग की निशानी के रूप में हरी चूड़ियां एवं श्रृंगार सामग्री वितरित की गई। महिलाओं ने इस अवसर को उत्साह और खुशी के साथ मनाया।
हरी चूड़ियां एवं श्रृंगार सामग्री मिलने पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित बहनों ने इसे अपनापन और सम्मान से जुड़ी पहल बताया। बड़ी संख्या में महिलाओं के एक साथ शामिल होने से कार्यक्रम का स्वरूप और भी आकर्षक हो गया।
  👉     महिलाओं को एकजुट करने की पहल
इस आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए महिलाओं को सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से जोड़ने की पहल के रूप में भी देखा गया। खैरलांजी विकासखंड के विभिन्न गांवों से पहुंची करीब 600 बहनों ने एक साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और एक-दूसरे से मुलाकात कर पारंपरिक पर्व की खुशियां साझा कीं।
ग्रामीण अंचलों में तीज एवं हरियाली जैसे पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को अपनी लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
  👉       धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का
                          संगम
चांदपुर के देवस्थान में आयोजित अखंड रामायण पाठ एवं हरियाली महोत्सव में धर्म, आस्था, परंपरा और महिला सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला। एक ओर जहां अखंड रामायण पाठ और हवन-पूजन के माध्यम से धार्मिक वातावरण बना, वहीं तीज के गीतों और श्रृंगार सामग्री वितरण ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
आयोजन में शामिल महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने और अपनी परंपराओं को जीवित रखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं।
  👉      आयोजन ने दिया परंपराओं को सहेजने का                              संदेश
जिला पंचायत सदस्य मधु ऋषि शुक्ला की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। करीब 600 बहनों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण रही कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के प्रति ग्रामीण महिलाओं में आज भी गहरी आस्था और उत्साह है।
देवस्थान चांदपुर में आयोजित यह कार्यक्रम अखंड रामायण पाठ, हवन-पूजन, तीज के पारंपरिक गीत, हल्दी-कुमकुम एवं सुहाग सामग्री वितरण के साथ यादगार बन गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति, उत्साह, उमंग और आपसी स्नेह का वातावरण देखने को मिला।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि हमारी लोक संस्कृति और पारंपरिक पर्व केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण जरिया भी हैं।
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