नवरात्र पर्व के समापन के साथ दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां तेज हो गई हैं। विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसे लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने शनिवार को वैनगंगा नदी के छोटे पुल के समीप बनाए गए विसर्जन कुंड और घाट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
नदी में कम पानी, विसर्जन के दौरान विशेष सतर्कता
वैनगंगा नदी का जलस्तर कम होने के कारण प्रतिमाओं का विसर्जन नदी के बीच में किए जाने की स्थिति बन रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और श्रद्धालुओं को लगातार अनाउंसमेंट के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।शहर में 70 स्थानों पर बड़ी दुर्गा प्रतिमाएं
एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि बालाघाट शहरी क्षेत्र में करीब 70 स्थानों पर पांच फीट से अधिक ऊंचाई की दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर छोटी प्रतिमाएं भी विराजित हैं। मंगलवार से प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू होकर आगामी दो से तीन दिनों तक चलेगा।
👉 छह प्रमुख विसर्जन स्थलों पर रहेगी प्रशासन की नजर ।
****************************
शहर के वैनगंगा नदी छोटे पुल एवं विसर्जन कुंड, महामृत्युंजय घाट, गायखुरी घाट, ढिमरटोला, देवटोला नहर और सरेखा में विसर्जन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और नगरपालिका के कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड और एसडीईआरएफ की बचाव टीमें भी मौजूद रहेंगी।
रात में विसर्जन करने वालों की सुरक्षा पर विशेष जोर
