जिले के तिरोड़ी थाना अंतर्गत ग्राम टुयापार मे गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। अवैध रेत खनन से नदी में बने गहरे गड्ढे में गिरने से 11 वर्षीय मासूम निशांत की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए अवैध रेत खनन और प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह निशांत गांव के कुछ अन्य बच्चों के साथ नदी की ओर घूमने और नहाने गया था। नदी में अवैध रेत उत्खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे और खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं। बताया जा रहा है कि खेलते समय निशांत अचानक एक गहरे गड्ढे में चला गया और पानी में डूब गया। उसके साथ मौजूद बच्चे घबरा गए और डर के कारण बिना किसी को बताए अपने-अपने घर लौट आए।
घटना के कई घंटे बाद तक परिजनों को इस हादसे की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। जब शाम तक निशांत घर वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोग चिंतित हो उठे और उसकी तलाश शुरू की गई। परिजनों ने गांव में और उसके साथ गए बच्चों से पूछताछ की, लेकिन बच्चे डर के कारण पहले कुछ नहीं बोले। बाद में जब उन्हें पुलिस का डर दिखाया गया तब बच्चों ने बताया कि निशांत नदी के गहरे गड्ढे में गिर गया था।
यह जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण तुरंत नदी किनारे पहुंचे। वहां अवैध खुदाई से बने गहरे गड्ढे के पास निशांत के कपड़े मिले। कपड़े मिलने के बाद आशंका यकीन में बदल गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तत्काल तिरोड़ी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर देर रात तक खोजबीन शुरू की गई। अंधेरे और गहरे पानी के कारण रेस्क्यू कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों की मशक्कत के बाद रात करीब 2:30 बजे निशांत का शव पानी में तैरता हुआ मिला। शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी में लंबे समय से अवैध रेत खनन किया जा रहा है। रेत माफियाओं द्वारा भारी मशीनों और वाहनों से लगातार उत्खनन किए जाने के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ चुका है और जगह-जगह मौत जैसे गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसका खामियाजा अब एक मासूम बच्चे को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने अवैध रेत खनन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई की होती तो शायद आज निशांत जीवित होता।
तिरोड़ी पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी घटना की जानकारी ली जा रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस दर्दनाक हादसे के बाद अवैध रेत खनन पर कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।
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