बालाघाट,
जिले के वारासिवनी क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे से गुजरने वाली नहर में दो नर इंडियन गौर (भारतीय बाइसन) के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया दोनों वन्यप्राणियों की मौत नहर में डूबने से होने की आशंका जताई है।
वन विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर की सुबह लालबर्रा तहसील के ग्राम सेलवा निवासी एक व्यक्ति ने सूचना दी थी कि पिछली रात दो गौर बड़ी नहर में जीवित अवस्था में बहते दिखाई दिए थे। सूचना मिलते ही मुख्य वनसंरक्षक के निर्देश पर वारासिवनी और लालबर्रा वन परिक्षेत्र की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
👉 घंटों की तलाश के बाद मिले शव
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17 अक्टूबर की शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच वारासिवनी में रेलवे लाइन के समीप नहर से दोनों नर गौर के शव बरामद किए गए। वनकर्मियों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से शव बाहर निकाले। सूर्यास्त होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। 👉 पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की आशंका
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18 अक्टूबर की सुबह पशु चिकित्सकों की टीम ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया। जांच में प्रथम दृष्टया डूबने से मौत की आशंका जताई गई। आगे की जांच के लिए दोनों वन्यप्राणियों का बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
पोस्टमार्टम के बाद दोनों गौर के अवशेषों का नियमानुसार भस्मीकरण किया गया। पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई है। वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
👉 बड़ा सवाल—आखिर नहर में कैसे पहुंचे दो विशालकाय गौर?
दोनों गौर नहर में किन परिस्थितियों में पहुंचे और उन्हें समय रहते क्यों नहीं बचाया जा सका, यह जांच का विषय है। फिलहाल मौत का अंतिम कारण स्पष्ट होना बाकी है।
प्रहलाद गजभिये
जिला संवाददाता, बालाघाट
अभयवाणी न्यूज पेपर
