जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्ती, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश दो साल बाद रजिस्ट्रेशन के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी

REPORTER
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बालाघाट
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान 1 अक्टूबर से लागू हो गए हैं। नए नियमों के तहत जन्म या मृत्यु का विलंब से पंजीकरण कराने की प्रक्रिया सख्त कर दी गई है।
कलेक्टर कुमार सत्यम ने जिला स्तर पर आदेश जारी कर सभी रजिस्ट्रारों को नए प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, घटना के एक वर्ष बाद लेकिन दो वर्ष के भीतर पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का आदेश आवश्यक होगा। वहीं, दो वर्ष से अधिक की देरी होने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लेना होगा।
नए प्रावधानों का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है। ऐसे में नागरिकों को सलाह है कि वे जन्म और मृत्यु की जानकारी निर्धारित समय-सीमा में दर्ज कराएं, ताकि बाद में कानूनी प्रक्रिया की परेशानी से बचा जा सके।
प्रहलाद गजभिये
जिला संवाददाता, बालाघाट
अभयवाणी न्यूज पेपर
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