बालाघाट
प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान तेज कर दिया है।स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य तथा खाद्य विभाग की टीमें गांव-गांव सक्रिय होकर घर-घर सर्वेक्षण, स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, फॉगिंग, पेयजल शुद्धिकरण, राशन वितरण और मच्छरदानियों के वितरण सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही हैं।
घर-घर पहुंचीं स्वास्थ्य टीमें, 3,890 लोगों की जांच
स्वास्थ्य विभाग की 20 सर्वेक्षण टीमों द्वारा प्रभावित ग्रामों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। अब तक 3,890 लोगों की जांच की गई, जिनमें 813 लोग विभिन्न बीमारियों से पीड़ित पाए गए। इनमें से 209 मरीजों को अस्पताल में उपचार दिया गया, जबकि 576 मरीजों का घर पर ही उपचार कर उन्हें स्वस्थ किया गया।
आज 8 मरीजों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अभियान के दौरान जिला चिकित्सालय भेजे गए मरीजों में से 209 स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 28 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं।
👉 बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस, 6,892 का टीकाकरणअभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान 725 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक, 684 बच्चों को आयरन सिरप तथा 590 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दी गई।
आज आयोजित 39 सत्रों में 2,902 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इस प्रकार अब तक 109 सत्रों में कुल 6,892 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। बच्चों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। अभियान में 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस तथा 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं।
मच्छरों पर वार, 2,808 घरों में कीटनाशक छिड़काव
मच्छर नियंत्रण को लेकर भी प्रशासन द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। आज 21 गांवों के 2,808 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया। इसके अलावा 18 ग्रामों में इंडोर एवं आउटडोर फॉगिंग तथा 21 ग्रामों में लार्वा सर्वे का कार्य पूरा किया गया।
👉 आंगनबाड़ियों में स्वच्छता और बच्चों के भोजन की व्यवस्था
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई के साथ बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बैहर के 6 ग्रामों के 20 तथा बिरसा के 16 ग्रामों के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
बैहर में 20 आंगनबाड़ी केंद्रों के 360 बच्चों और बिरसा में 33 केंद्रों के 766 बच्चों को भोजन दिया गया। जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं एवं परिवारों तक घर पर भी भोजन पहुंचाया गया तथा टीएचआर का वितरण किया गया।
👉 पेयजल की शुद्धता पर जोर
, जल स्रोतों का क्लोरीनेशन
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल स्रोतों का क्लोरीनेशन, जल नमूनों का संग्रहण तथा खराब हैंडपंपों का सुधार कराया जा रहा है। बैहर एवं बिरसा विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में जल स्रोतों को क्लोरीनेट किया गया और जल परीक्षण के लिए नमूने लिए गए।
गांवों की सफाई से लेकर डार्क स्पॉट तक अभियान
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल स्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों को भरने, नालियों एवं सड़कों की सफाई तथा डार्क स्पॉट की सफाई कराई जा रही है। अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण एवं समीक्षा भी की जा रही है।
👉 छात्रावासों में बढ़ी सुरक्षा, 3,600 मच्छरदानियां वितरित
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जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्र
छात्रावासों, आश्रमों एवं विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को स्वच्छता और बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संस्थाओं में पानी की टंकियों की सफाई और परिसर की नियमित स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है।
आज बैहर विकासखंड में 26 छात्रावासों को 1,300 तथा 6 आश्रमों को 300 मच्छरदानियां दी गईं। वहीं बिरसा विकासखंड में 32 छात्रावासों को 1,600 और 8 आश्रमों को 400 मच्छरदानियां उपलब्ध कराई गईं। इस प्रकार कुल 3,600 मच्छरदानियां वितरित की गईं।
👉 प्रभावित परिवारों तक पहुंचा राशन, 103 परिवारो को खाद्यान्न ।
खाद्य विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में राशन वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। बैहर विकासखंड के 3 ग्रामों के 61 परिवारों तथा बिरसा विकासखंड के 2 ग्रामों के 42 परिवारों को ‘राशन आपके द्वार’ योजना एवं शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न वितरित किया गया।
👉 समाजसेवी संस्थाओं ने 1,000 परिवारों को बांटी मच्छरदानियां
प्रभावित ग्रामों में समाजसेवी संस्थाओं द्वारा 1,000 परिवारों को मच्छरदानियां वितरित की गईं। इस दौरान ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने तथा घर और आसपास सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया।
👉 ग्रामीणों से अपील की गई कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच एवं उपचार कराएं। घरेलू उपचार अथवा झाड़-फूंक पर निर्भर रहने के बजाय समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की समझाइश भी दी गई।
👉 सीईओ जिला पंचायत ने लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालाघाट श्री अभिषेक सर्राफ ने प्रभावित ग्रामों में पहुंचकर स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पेयजल, छात्रावास सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सेवाएं लगातार पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रशासन का यह अभियान प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार जारी है।
