उत्तर सामान्य वनमंडल बालाघाट के पूर्व बैहर परिक्षेत्र अंतर्गत खुरमुंडी के जंगल में एक नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत विद्युत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने दो व्यक्तियों को संदेह के आधार पर पूछताछ के दायरे में लिया है।
जानकारी के अनुसार, 7 नवंबर की सुबह खुरमुंडी बीट के कक्ष क्रमांक 1582 में बीट गार्ड नियमित गश्त पर था। इसी दौरान गुरार नाला के पास उसे नर बाघ का मृत शरीर दिखाई दिया। इसकी सूचना तत्काल परिक्षेत्र सहायक एवं परिक्षेत्र अधिकारी को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और डॉग स्क्वाड घटनास्थल पर पहुंचे। 👉 डॉग स्क्वाड ने खंगाला घटनास्थल
मौके पर पहुंची डॉग स्क्वाड की टीम ने घटनास्थल की जांच की। जांच के दौरान मृत बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए बाघ की मौत विद्युत करंट लगने से होने की आशंका व्यक्त की गई है। वन विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि जंगल में करंट कैसे पहुंचा और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
👉 दो संदेहियों से पूछताछ, पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत नर बाघ का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद वन संरक्षक बालाघाट वनवृत्त, वनमंडलाधिकारी उत्तर सामान्य वनमंडल, उपवनमंडलाधिकारी बैहर, एनटीसीए के प्रतिनिधि एवं तहसीलदार की उपस्थिति में नियमानुसार अग्नि संस्कार कर बाघ के संपूर्ण शरीर को नष्ट किया गया।
👉 वन अपराध दर्ज, मौत के कारणों की जांच जारी
वन विभाग द्वारा इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 2796/25, दिनांक 7 नवंबर 2026 दर्ज किया गया है। वनमंडलाधिकारी रेशम सिंह धुर्वे के अनुसार, मामले में संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। बाघ की मौत के वास्तविक कारणों और घटना में संभावित रूप से शामिल व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
👉 अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बाघ की मौत महज दुर्घटना है या जंगल में वन्यप्राणी के शिकार के लिए जानबूझकर करंट का जाल बिछाया गया था? जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
