स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बालाघाट के पूर्व बीएमओ डॉ. सुनील कुमार सिंह पर दूसरे डॉक्टर की MBBS डिग्री के सहारे 15 साल से अधिक समय तक नौकरी करने का आरोप लगा है।
मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
अब जांच में कई बड़े सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। आखिर इतने वर्षों तक दस्तावेजों का सत्यापन कैसे होता रहा? नियुक्ति से लेकर पदस्थापना तक जिम्मेदार अधिकारियों की क्या भूमिका रही? क्या विभागीय स्तर पर कोई लापरवाही हुई?
सबसे बड़ा सवाल—15 साल से अधिक समय तक स्वास्थ्य विभाग को कथित फर्जीवाड़े की भनक क्यों नहीं लगी?
