जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था अब तकनीक के जरिए और अधिक पारदर्शी होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग और बच्चों से जुड़ी जानकारी के डिजिटल संधारण के लिए ‘बाल गिनती’ मोबाइल एप्लीकेशन लागू करने की पहल की है।
कलेक्टर कुमार सत्यम के मार्गदर्शन और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तनुश्री मीणा की पहल पर शुरू की जा रही इस व्यवस्था का मैदानी अमले और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 सितंबर को प्रशिक्षण दिया गया। 1 अक्टूबर 2026 से बालाघाट, बैहर और बिरसा परियोजना क्षेत्रों में ऐप के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा अपडेटिंग शुरू होगी।
बच्चों की उपस्थिति और गर्म भोजन का डिजिटल रिकॉर्ड
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इंदौर की टेक्टम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘बाल गिनती’ ऐप के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले हॉट कुक्ड मील यानी गर्म पौष्टिक भोजन की जानकारी भी डिजिटल रूप से दर्ज होगी।
इससे प्रतिदिन बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की स्थिति की जानकारी प्रशासनिक स्तर पर आसानी से मॉनिटर की जा सकेगी। किसी केंद्र में अपेक्षित स्थिति नहीं मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करना भी आसान होगा।
👉 कागजी रिपोर्टिंग से मिलेगी राहत
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ऐप आधारित व्यवस्था से आंगनवाड़ी केंद्रों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पेपरलेस होगी। मैदानी अमले का समय बचेगा और वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाली सेवाओं की नियमित निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और पोषण आहार की उपलब्धता की जमीनी स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।
