खैरलांजी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत शंकरपिपरिया की महिला सरपंच लता मनीष पारधी
ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पंचायत के कामकाज को प्रभावित करने के लिए कथित रूप से फर्जी सीएम हेल्पलाइन शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगाया है। सरपंच ने शिकायतों की वास्तविकता की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पंचायत के कामकाज को प्रभावित करने के लिए कथित रूप से फर्जी सीएम हेल्पलाइन शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगाया है। सरपंच ने शिकायतों की वास्तविकता की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
* कई नामों से शिकायत दर्ज कराने का आरोप *
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सरपंच ने आवेदन में बताया कि ग्राम पंचायत शंकरपिपरिया में वह सरपंच के रूप में तथा झनिता पारधी सचिव के रूप में पंचायत का संचालन कर रही हैं। आवेदन के अनुसार, ग्राम के कुछ लोगों द्वारा पंचायत के कामकाज को प्रभावित करने की नीयत से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। सरपंच ने दावा किया कि रत्ना गोपाले, जयपाल देवरकर, रामप्रसाद देवरकर, हेमराज गोपाले, विनोद देवरकर, ललित गोपाले और अजय देवरकर सहित अन्य लोगों के नाम से सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
* पंचायत खुलने के बावजूद बंद रहने की शिकायत *
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सरपंच का कहना है कि ग्राम पंचायत नियमित रूप से संचालित होती है, इसके बावजूद पंचायत बंद रहने की शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गईं। आवेदन में 19 अगस्त की शिकायत का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि पंचायत बंद रहने की शिकायतें तथ्यहीन हैं।
👉 मोबाइल का दुरुपयोग करने का आरोप
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सरपंच के मुताबिक शिकायतकर्ताओं के नाम से दर्ज शिकायतों की जानकारी लेने पर कुछ लोगों ने बताया कि उनके मोबाइल का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति द्वारा शिकायत दर्ज कराने के लिए किया गया था। इससे शिकायतों की सत्यता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
👉 गलत काम हो तो शिकायत का अधिकार, फर्जी शिकायत पर कार्रवाई की मांग
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सरपंच लता मनीष पारधी ने कहा कि पंचायत में यदि कोई गलत कार्य होता है तो उसकी शिकायत करना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन जानबूझकर फर्जी शिकायतें दर्ज कराकर पंचायत प्रतिनिधियों को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के कारण पंचायत के कार्य प्रभावित होने के साथ मानसिक परेशानी भी हो रही है।
👉 जांच के बाद एफआईआर की मांग
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सरपंच ने कलेक्टर से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में शिकायतें फर्जी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही विकास कार्यों को प्रभावित करने वाली शिकायतों की भी जांच की मांग की गई है।
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