अभयवाणी
प्रहलाद गजभिये जिला ब्युरो बालाघाट
बालाघाट कान्हा के घने जंगल, बाघों की दहाड़, वन्यजीवों की अठखेलियां और प्रकृति की खूबसूरती अब देशी पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों को भी बेहतर ढंग से समझाई जा सकेगी। कान्हा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के अनुभव को और अधिक यादगार बनाने के लिए नेचर गाइड्स की अंग्रेजी भाषा एवं संचार क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।
इसी उद्देश्य से इको टूरिज्म बोर्ड, मध्यप्रदेश एवं कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा मुक्की परिक्षेत्र में 15 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 31 अगस्त 2026 को हुआ। इसमें मुक्की परिक्षेत्र के 59 नेचर गाइड्स सहभागिता कर रहे हैं।
👉 विदेशी मेहमानों से बेझिझक करेंगे संवाद
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प्रशिक्षण के दौरान नेचर गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में पर्यटकों से सहज एवं प्रभावी संवाद करने का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें कान्हा के वन्यजीवों, जंगल, जैव-विविधता और प्राकृतिक परिवेश से जुड़ी जानकारी को सरल, रोचक एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने की तकनीक भी सिखाई जा रही है।
इस प्रशिक्षण से गाइड्स का अंग्रेजी भाषा में संवाद करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सवालों का बेहतर ढंग से जवाब देने के साथ उन्हें कान्हा की प्राकृतिक एवं वन्यजीव संपदा से अधिक प्रभावी तरीके से परिचित करा सकेंगे।
👉 भाषा के साथ वन्यजीव व्याख्या का भी प्रशिक्षण
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15 दिवसीय प्रशिक्षण में केवल अंग्रेजी बोलने और समझने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा, बल्कि पर्यटन एवं वन्यजीव व्याख्या (Interpretation) से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। इसका उद्देश्य गाइड्स की प्रस्तुतीकरण क्षमता को बेहतर बनाना है, ताकि जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को वन्यजीवों एवं प्रकृति से जुड़ी जानकारी तथ्यात्मक होने के साथ-साथ रोचक भी लगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 सितंबर 2026 को समाप्त होगा।
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कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा नेचर गाइड्स के कौशल विकास के लिए किए जा रहे ये प्रयास उनकी दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ ही कान्हा आने वाले पर्यटकों को बेहतर, ज्ञानवर्धक और गुणवत्तापूर्ण प्रकृति अनुभव उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
