1998 और उसके बाद नियुक्त शैक्षणिक संवर्ग को 2006 से मिलेगा छठवें वेतनमान का लाभ ।सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश शासन की SLP खारिज की ।

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भोपाल/ जबलपुर
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में लंबित अवमानना याचिका राजेश कुमार पांडे बनाम श्रीमती रश्मि अरुण शमी व अन्य के मामले में मध्यप्रदेश शासन की विशेष अनुमति याचिका (SLP) सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद वर्ष 1998 एवं उसके बाद नियुक्त शैक्षणिक संवर्ग को छठवें वेतनमान का लाभ वर्ष 2016 के स्थान पर वर्ष 2006 से मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के प्रांताध्यक्ष एवं अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के संयोजक राकेश दुबे ने कहा कि इस निर्णय से संबंधित शैक्षणिक संवर्ग को न केवल तत्काल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि संगठन की उस प्रमुख मांग को भी मजबूती मिलेगी, जिसमें राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्त शैक्षणिक संवर्ग की सेवावधि की गणना समस्त प्रयोजनों के लिए प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने की मांग की जा रही है।
राकेश दुबे ने संगठन के नर्मदापुरम संभागीय अध्यक्ष एवं प्रांतीय विधिक प्रभारी राजेश कुमार पांडे को इस महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई में सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पांडे संगठन की ओर से टीईटी के विरुद्ध तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं में भी प्रभारी एवं मुख्य याचिकाकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं।
दुबे ने कहा कि शैक्षणिक संवर्ग के हितों से जुड़े मामलों में संगठन लगातार न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर संघर्ष कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय से शिक्षकों के लंबित वेतनमान एवं सेवा संबंधी अधिकारों की लड़ाई को महत्वपूर्ण मजबूती मिली है।
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