जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बर्राटोला (पंचायत चिनी) में सार्वजनिक रास्ते को खुलवाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि गांव की दलित महिला सरपंच प्रमिला राम उइके पर कुछ लोगों ने ईंट और लाठियों से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच प्रमिला राम उइके को सूचना मिली थी कि गांव के एक सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण कर रास्ता बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर जब वह मौके पर पहुंचीं तो देखा कि कुछ लोग रास्ते को नुकसान पहुंचा रहे थे। सरपंच द्वारा विरोध किए जाने पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
बताया जाता है कि हमलावरों ने सरपंच के चेहरे पर ईंट से हमला किया और लाठियों से भी प्रहार किए। बीच-बचाव करने पहुंचे ग्रामीण अजीत मसराम और शैलेन्द्र इनवाती भी घायल हो गए। घटना में सरपंच को गंभीर चोटें आई हैं।
सरपंच संघ के उपाध्यक्ष कपुरचन्द वरकड़े ने बताया कि सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत पहले भी तहसील और पुलिस प्रशासन को दी गई थी। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विवाद बढ़ता गया। उनका आरोप है कि सरपंच केवल पंचायत के निर्णय के अनुसार रास्ता खुलवाने गई थीं, लेकिन दबंगों ने उन पर हमला कर दिया।
घटना के बाद घायल सरपंच और अन्य ग्रामीणों ने परसवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं सरपंच संघ और ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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