महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पोषण आहार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार बाल विकास परियोजना वारासिवनी संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 1 जून से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद पात्र हितग्राहियों को पोषण सेवाओं से वंचित नहीं होने दिया जा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार 2 जून को वारासिवनी ग्रामीण परियोजना के वारासिवनी सेक्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत कटंगटोला के आंगनवाड़ी केंद्र में रेडी टू ईट (आरटीई) खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र में पंजीकृत बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में पोषण आहार प्रदान किया गया, जिससे अवकाश अवधि में भी उनके पोषण स्तर को बनाए रखा जा सके।
बाल विकास परियोजना अधिकारी यशोदा भगत ने बताया कि विभाग द्वारा शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में समयबद्ध रूप से रेडी टू ईट सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं हितग्राहियों को केवल पोषण आहार ही नहीं दे रही हैं, बल्कि संतुलित भोजन, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा कुपोषण की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध करा रही हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी बच्चों और महिलाओं को पोषण संबंधी सेवाओं का लाभ लगातार मिलता रहे तथा कुपोषण मुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयास प्रभावी रूप से आगे बढ़ते रहें। इसके लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा वितरण कार्य की नियमित निगरानी भी की जा रही है, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पोषण आहार पहुंच सके।
रेडी टू ईट खाद्य सामग्री वितरण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राहियों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए संतोष व्यक्त किया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पोषण आहार वितरण का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
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