सिलवानी, रायसेन (कृष्ण कांत सोनी) । करीब 80 लाख रुपये की लागत से बनाया गया मिनी खेल स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस स्टेडियम में खिलाड़ियों की दौड़, अभ्यास और प्रतियोगिताएं होनी थीं, वहां आज मवेशी बांधे जा रहे हैं। सात साल बीत जाने के बाद भी स्टेडियम किसी विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया और सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे खंडहर में बदलती जा रही है।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी?
सिलवानी-गैरतगंज स्टेट हाईवे स्थित ग्राम जुनिया में ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरईएस विभाग द्वारा मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। निर्माण पूरा होने के बावजूद स्टेडियम का संचालन शुरू नहीं हो पाया क्योंकि इसे आज तक किसी विभाग को विधिवत हैंडओवर नहीं किया गया।
अब स्टेडियम की हालत क्या है?
देखरेख नहीं होने के कारण स्टेडियम के कमरों में मवेशी बांधे जा रहे हैं। कई जगहों पर भूसा रखा गया है। बिजली की फिटिंग चोरी हो चुकी है। दरवाजे और टाइल्स उखाड़ लिए गए हैं। शौचालय क्षतिग्रस्त पड़े हैं तथा परिसर में असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आई हैं।
- ₹80 लाख की लागत
- करीब 7 साल पहले निर्माण
- आज तक हैंडओवर नहीं
- कमरों में मवेशी
- बिजली फिटिंग चोरी
- दरवाजे और टाइल्स क्षतिग्रस्त
- शौचालय बदहाल
खिलाड़ियों के सपनों पर ताला
सिलवानी क्षेत्र के कई खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय खिलाड़ियों के पास न पर्याप्त खेल सुविधाएं हैं, न बेहतर मैदान और न ही नियमित कोच की सुविधा उपलब्ध है। खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब हालात बदलेंगे, लेकिन सात साल बाद भी मैदान बंद पड़ा है।
सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल ने क्या कहा?
स्थानीय विधायक देवेंद्र पटेल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि छह-सात साल पहले बना स्टेडियम आज तक शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही है और इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल
जब सरकारी खजाने से 80 लाख रुपये खर्च किए गए, तब इस स्टेडियम की जिम्मेदारी किसकी थी? आखिर सात साल तक खिलाड़ियों को उनके अधिकार से क्यों वंचित रखा गया? और कब तक खिलाड़ियों के सपने फाइलों में कैद रहेंगे?
SDM, सिलवानी
स्टेडियम का निर्माण आरईएस विभाग द्वारा कराया गया था और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इसे जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
CEO,जनपद सिलवानी
🐄 कमरों में मवेशी बांधे जा रहे हैं
🍺 परिसर में शराब पीने की भी बात कही गई
📉 स्टेडियम की स्थिति बेहद खराब और दयनीय बताई
🚰 पीने के पानी की व्यवस्था नहीं
🚪 गेट क्षतिग्रस्त
👨🏫 स्पोर्ट्स टीचर नहीं
⚽ प्रतियोगिताएँ नहीं होतीं
🚶 3 किलोमीटर दूर से खेलने आते हैं
स्थानीय खिलाड़ी, सिलवानी


0 تعليقات