रायसेन/देवनगर (विशेष रिपोर्ट: कृष्ण कांत सोनी (संपादक): क्या आस्था और चमत्कार के नाम पर रायसेन जिले में एक बड़ा पाखंड रचा जा रहा था? खुद पर जानलेवा हमले की साजिश का ढिंढोरा पीटने वाले सांचेत के तथाकथित बाबा 'नाना सरकार' उर्फ सुनील सराठे का असली सच अब पुलिस की फाइलों में दर्ज हो गया है। एक साधारण हेयर कटिंग सैलून चलाने वाले युवक से लेकर लग्जरी गाड़ियों और बाउंसर्स के काफिले तक का सफर तय करने वाले इस 'स्वयंभू पीठाधीश्वर' के साम्राज्य की नींव अब हिलती नजर आ रही है। देवनगर थाने में खुद उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई मारपीट और जान से मारने की धमकी की एफआईआर ने इस पूरे 'बवाल' को एक नया और सनसनीखेज मोड़ दे दिया है।
कर्ज, कोरोना और पाखंड की शुरुआत
मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाबा का असली नाम सुनील सराठे है, जो 10वीं फेल है। गांव में पुश्तैनी कटिंग (नाई) का काम करने वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुनील ने 2015 में आरती सेन से शादी की थी। बताया जाता है कि 2019 में सुनील ने अपनी पत्नी के मौसा जी का मकान गिरवी रखकर 12 लाख रुपये का लोन लिया और विदिशा में हेयर सैलून खोला। लेकिन कोरोना काल में जब सैलून ठप हो गया और कर्ज का भारी बोझ बढ़ गया, तो तंगी के कारण पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई। आरोप है कि इसी बुरे वक्त में पैसा और रुतबा कमाने के लिए इस युवक ने तांत्रिक साधना और पाखंड का चोला ओढ़ लिया।
रसूख, राजनीति और लग्जरी गाड़ियां
देखते ही देखते, कर्ज में डूबा यह युवक सोशल मीडिया और कथित रसूखदार लोगों के संरक्षण में 'नाना काल भैरव' बन गया। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले कुछ लोगों द्वारा धाम में महंगे चढ़ावे चढ़ाने और भव्य आयोजनों के जरिए इसे खूब प्रमोट किया गया। जो व्यक्ति कभी पाई-पाई को मोहताज था, वह खुद को 'खतरे में' बताकर बाउंसर्स की फौज और लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ चलने लगा।
'विक्टिम कार्ड' का पर्दाफाश और पत्नी की FIR
पिछले दिनों सांचेत धाम में हुए विवाद को बाबा द्वारा 'जानलेवा हमले की साजिश' बताकर विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश की गई थी। लेकिन इस पूरे खूनी संघर्ष का सच तब सामने आया जब पत्नी आरती सेन ने देवनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
एफआईआर के अनुसार: 24 मई 2026 को आरती सेन जब अपने पुत्र के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने पहुंचीं, तो वहां सुनील सराठे और उसके भाई अनिल सराठे ने सरेआम उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। विरोध करने पर महिला को जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी सामने आया है कि दोनों के बीच सालों से पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण के मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन हैं। देवनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दोनों भाइयों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
और भी कई गंभीर राज खुलने की सुगबुगाहट
जिले के गलियारों में अब इस बात की भी जोरों से चर्चा है कि अगर पुलिस ने इस मामले की सख्ती से जांच की, तो धाम की आड़ में चल रहे कई और भी गंभीर और चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो पर्दे के पीछे बहुत सी ऐसी गतिविधियां और खेल चल रहे हैं, जिनकी भनक अब तक आम जनता को नहीं लगने दी गई। माना जा रहा है कि पुलिस तफ्तीश आगे बढ़ने पर बाबा के साम्राज्य से जुड़े कई और चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।
आगे क्या?
पत्नी की एफआईआर और गांव वालों द्वारा बनाए गए पंचनामे के बाद अब बाबा के रसूखदार राजनीतिक आकाओं ने भी गुपचुप तरीके से किनारा करना शुरू कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जो 'स्वयंभू संत' अपनी ही पत्नी को सरेआम मंदिर परिसर में प्रताड़ित करने का आरोपी है, वह समाज और भक्तों का क्या भला करेगा? अब सभी की निगाहें देवनगर पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि क्या इस सख्त कार्रवाई के बाद आस्था की आड़ में चल रहे इस पूरे नेक्सस के बाकी राज भी जल्द बेनकाब होंगे?







0 टिप्पणियाँ