कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनकी शिक्षा, सामाजिक सुधार एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बाबा साहेब को भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं सामाजिक न्याय के अग्रदूत के रूप में स्मरण करते हुए उनके विचारों को आज भी अत्यंत प्रासंगिक बताया।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार द्वारा बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्राचार्य डॉ. मराठे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहेब के आदर्श विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनके विचारों को अपनाकर ही समाज में समानता एवं जागरूकता लाई जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से आत्मविकास करने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का संचालन मेजर आर.एन. झारिया द्वारा किया गया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन डॉ. गजानन कटरे एवं डॉ. प्रशांत डहाटे ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना और प्रेरणा का संदेश देने वाला साबित हुआ
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