आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में किसानों को बिना वैध अनुज्ञप्ति के धान बीज बेचने के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में पाया गया कि वाहन के माध्यम से गांव-गांव घूमकर किसानों को विभिन्न कंपनियों के धान बीज बेचे जा रहे थे, जबकि विक्रेताओं के पास वैध बीज अनुज्ञप्ति नहीं थी।
कृषि विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि 31 मई 2026 को ग्राम गोहारा तथा 1 जून 2026 को ग्राम भंडेरी के काशीटोला एवं ग्राम पोला-पटपरी में किसानों को धान बीजों का अवैध विक्रय किया जा रहा है। शिकायत में बताया गया था कि श्री कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड बैहर के प्रोपराइटर सानू पटले एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा वाहन क्रमांक एमपी-50-जेडजी-6496 के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के धान बीज गांव-गांव पहुंचाकर बेचे जा रहे हैं।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय कृषि अधिकारी (एसडीओ) बैहर श्री एस.आर. धुर्वे ने 2 जून को ग्राम काशीटोला एवं पोला-पटपरी तथा 3 जून को ग्राम गोहारा पहुंचकर किसानों के घरों में वितरित किए गए बीजों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान पंचनामा तैयार कर साक्ष्य एकत्रित किए गए और संबंधित किसानों के बयान भी दर्ज किए गए।
👉 जांच में हुआ बड़ा खुलासा
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प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा विभिन्न कंपनियों के धान बीजों का विक्रय किया जा रहा था। इनमें महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित केशव खनक सीड्स प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात के वडोदरा स्थित जयकुंड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड, तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित जीनोमिक्स एग्री जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा हनमकोंडा स्थित सुमनजली सीड्स एंड फार्मर्स के धान बीज शामिल हैं।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार उक्त बीज बिना वैध बीज अनुज्ञप्ति के आदिवासी क्षेत्रों के किसानों को बेचे जा रहे थे, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। कृषि विभाग का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां किसानों के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आती हैं और इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है।
👉 इन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई
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कृषि विभाग के अनुसार यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7, बीज अधिनियम 1966 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 की धारा 3 के उल्लंघन से संबंधित है। इन प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
👉 थाना बैहर को भेजा गया पत्र
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ कृषि श्री एस.आर. धुर्वे ने सानू पटले निवासी भीकेवाड़ा तहसील परसवाड़ा, पलक बिसेन निवासी भंडेरी तहसील बैहर तथा वाहन मालिक कुंजेलाल/नुरेलाल हिरवाने निवासी भोरवाही लिंगा विकासखंड परसवाड़ा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने हेतु थाना प्रभारी बैहर को पत्र प्रेषित किया है।
🙏 किसानों से विभाग की अपील
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कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें। यदि कोई व्यक्ति गांव में घूम-घूमकर बीज या कृषि सामग्री बेचता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
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