होलिका दहन के लिए पंजीयन अनिवार्य, गौकाष्ठ के उपयोग की अपील।

बालाघाट
 नगरपालिका परिषद बालाघाट द्वारा होली पर्व के मद्देनजर सार्वजनिक सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए होलिका दहन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी, बालाघाट के निर्देशों के परिपालन में जारी किए गए हैं।
नगरपालिका परिषद ने अपील की है कि जिले/क्षेत्र में आयोजित होने वाले सभी सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का अनिवार्य रूप से निःशुल्क पंजीयन कराया जाए। बिना पंजीयन के सार्वजनिक होलिका दहन आयोजित न किया जाए।
पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से लकड़ी के स्थान पर गौकाष्ठ एवं उपलों (कंडों) का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि वृक्षों की कटाई पर रोक लगे और प्रदूषण कम हो। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि होलिका दहन बीच सड़क पर न किया जाए तथा स्थल चयन करते समय विशेष सावधानी बरती जाए।
नगरपालिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि होलिका दहन किसी भी स्थिति में विद्युत तारों या अन्य सार्वजनिक वायरों के नीचे अथवा उनके मध्य में न किया जाए। इसके अतिरिक्त भंडारण स्थलों, दुकानों एवं आवासीय क्षेत्रों के समीप भी होलिका दहन न करने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री बी. डी. कतरोलिया ने बताया कि यह अपील नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है, जिससे होली का पर्व स्वच्छ, सुरक्षित एवं उत्साहपूर्वक मनाया जा सके।

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