
भोपाल में आज जो हुआ, वह वनवासी और ग्रामीण मजदूर आंदोलन की दिशा तय करने वाला बड़ा फैसला साबित हो सकता है—अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ की राष्ट्रीय कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक ठेंगडी़ भवन, बीएमएस कार्यालय में संपन्न हुई, जहां देशभर से आए पदाधिकारियों ने संगठन के भविष्य, विस्थापन, पलायन और सुदृढ़ीकरण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर मंथन किया। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन एवं अखिल भारतीय असंगठित क्षेत्र प्रभारी मान जयंती लाल भाई साहब का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, साथ ही जयंतराव देशपांडे और वनवासी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जितेंद्र सिंह गुर्जर भाईसाहब ने संगठन विस्तार, प्रवास और जमीनी मजबूती पर स्पष्ट दिशा दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष रादुसिंह भाबर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा राजप्रताप सिंह जूदेव, राष्ट्रीय महामंत्री कृष्णकुमार बैगा, संयुक्त महामंत्री प्रकाश बोदडे, राष्ट्रीय मंत्री भेरूलाल खदेड़ा, सोनिया कुमरे, पंचमलाल ताराम प्रदेश अध्यक्ष मप्र, संजयसिंह परमार संयुक्त प्रदेश महामंत्री मप्र, भरत पाटीदार कोषाध्यक्ष मप्र, शांतिलाल हटीला राष्ट्रीय सदस्य, नारायण मरावी राष्ट्रीय सदस्य, गणेश मर्सकोले रा.स., डॉ. विक्रम रघुवंशी रा. सह कोषाध्यक्ष, कांतिलाल डिंण्डोर राजस्थान सहित अन्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का केंद्र बिंदु रहा कि किस तरह वनवासी और ग्रामीण मजदूरों के मुद्दों को संगठित शक्ति में बदला जाए, विस्थापन और पलायन की चुनौतियों से निपटते हुए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया जाए, और आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए।
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