बालाघाट
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला बालाघाट के अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्राम संगठनों द्वारा नई चेतना अभियान 4.0 के तहत “हौसलों की उड़ान” कार्यक्रम का आयोजन 13 से 15 जनवरी 2026 तक सफलतापूर्वक किया गया तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना रहा
कार्यक्रम के प्रथम दिवस (13 जनवरी 2026) को लखपति दीदी संवाद एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लखपति दीदियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लखपति दीदियों ने अपने संघर्ष, अनुभव एवं सफलता की कहानियाँ साझा कीं, जिससे अन्य समूह सदस्यों को प्रेरणा मिली। साथ ही, उपस्थित महिलाओं ने आयवर्धक गतिविधियाँ अपनाकर लखपति बनने की शपथ ली।
द्वितीय दिवस (14 जनवरी 2026) को मकर संक्रांति के अवसर पर जिले के विभिन्न नदी तटों, मंदिर स्थलों एवं पर्यटन स्थलों पर पतंग महोत्सव एवं तिल-गुड़ बैठक का आयोजन किया गया। समूह सदस्यों एवं ग्राम संगठनों द्वारा उत्साहपूर्वक पतंग उड़ाकर “हौसलों की उड़ान” का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया तथा सामूहिक पिकनिक का भी आयोजन किया गया।
तृतीय दिवस (15 जनवरी 2026) को समस्त संकुल स्तरीय संगठनों के स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान करना रहा।
इसके अतिरिक्त, मकर संक्रांति के अवसर पर महिला स्व-सहायता समूहों की लखपति एवं अन्य सदस्यों द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों—लांजी (वारी डैम), कटंगी (अंबावमाई मंदिर), बालाघाट (शंकरघाट मंदिर), किरनापुर (रजेगांव घाट), खैरलांजी (खैरीघाट) तथा वारासिवनी (रमरमा पर्यटन स्थल)—पर समूह द्वारा निर्मित उत्पादों एवं खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाकर विक्रय भी किया गया।
यह कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास, सामूहिकता तथा आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावी एवं सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।