Raisen district में सड़क सुरक्षा माह के बीच एक कड़वी हकीकत सामने आई है। बीते पंद्रह दिनों में हेलमेट न पहनने के कारण बाइक दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्राथमिक और चिकित्सकीय आकलन के अनुसार, अधिकांश मामलों में मौत की वजह सिर में आई गंभीर चोटें रहीं—जो हेलमेट पहनने से काफी हद तक टाली जा सकती थीं।
इसी पृष्ठभूमि में सोमवार को यातायात पुलिस और सेम कॉलेज के छात्रों ने शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता रैली निकाली। रैली से पहले यातायात कार्यालय में प्रभारी लता मालवीय ने छात्रों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया और एक लघु फिल्म के माध्यम से दुर्घटनाओं की भयावहता से अवगत कराया। रविवार को Silwani के बस स्टैंड पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां आमजन को नियमों के पालन का संदेश दिया गया।
रैली इंडियन चौराहे से शुरू होकर सागर तिराहे तक पहुंची। यहां छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए हेलमेट पहनने, गति नियंत्रण और ट्रैफिक संकेतों के पालन का संदेश दिया। यातायात प्रभारी लता मालवीय के अनुसार, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर जिलेभर में सड़क सुरक्षा माह के तहत निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं, वहीं स्कूलों में भी छात्रों को जागरूक किया जा रहा है।
इसके बावजूद, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने की प्रवृत्ति चिंता बढ़ा रही है। यह रिपोर्ट किसी आरोप या अफवाह पर नहीं, बल्कि दर्ज घटनाओं और आधिकारिक अभियानों पर आधारित है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें और हेलमेट को आदत बनाएं—क्योंकि एक छोटी सावधानी, एक बड़ी त्रासदी को रोक सकती है।
केके रिपोर्टर आपसे पूछता है: आपके इलाके में लोग हेलमेट क्यों नहीं पहनते—लापरवाही, मजबूरी या निगरानी की कमी?
