किरनापुर थाने में 15 सितंबर को हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे का नाम FIR में शामिल किए जाने पर उनकी पत्नी एवं कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सोमवार शाम सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक ने कहा कि उनके पति न तो रैली में शामिल थे और न ही थाने में हुए उपद्रव में उनकी कोई भूमिका थी। इसके बावजूद उनका नाम FIR में जोड़ा गया।
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस पूर्वाग्रह के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने घटना के वीडियो फुटेज और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
अनुभा मुंजारे ने कहा कि गर्भवती महिला और उसके पति के साथ कथित मारपीट के विरोध में समाज द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन किया गया था। बाद में कुछ लोगों द्वारा उपद्रव किए जाने की बात सामने आई। उनका आरोप है कि पुलिस ने समाज के अध्यक्ष और पूर्व सांसद के खिलाफ भी मामला दर्ज कर दिया, जबकि वे मौके पर मौजूद नहीं थे।
