महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं ग्रामों में महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और नशा मुक्ति विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम कलेक्टर मृणाल मीणा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र कुमार सुन्दर्याल के मार्गदर्शन तथा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रचना चौधरी के नेतृत्व में संपन्न हुए।
जागरूकता कार्यक्रम वारासिवनी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झालीवाड़ा कायदी, बकेरा, सतपुड़ा कॉलेज गर्रा तथा बिरसा विकासखंड के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मलाजखंड और ग्राम पलहेरा में आयोजित किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों, युवाओं एवं ग्रामीणों को महिला एवं बाल अधिकारों के साथ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर प्रीति हरिनखेडे एवं यनिता राहंगडाले ने महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के सहयोग से संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, उससे होने वाले सामाजिक, पारिवारिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा अपराधों में वृद्धि के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त जीवन अपनाने एवं समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम करना तथा युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
