शहर के एक होटल में परोसी गई कढ़ी में छिपकली मिलने की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आ गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभागीय टीम ने शहर के विभिन्न होटल, जलपान गृह एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर स्वच्छता मानकों की अनदेखी, खुले में खाद्य सामग्री का विक्रय तथा बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार संचालित किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई।
निरीक्षण की शुरुआत मोती नगर स्थित धुवारे जलपान गृह से की गई। यहां पहुंचने पर टीम ने पाया कि शिकायत सामने आने के बाद संचालक द्वारा होटल बंद कर दिया गया था।
इसके बाद वार्ड क्रमांक-32, मोती नगर स्थित गुरुकृपा होटल का निरीक्षण किया गया। जांच में साफ-सफाई एवं स्वच्छता संबंधी कई गंभीर कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-32 के तहत नोटिस जारी किया गया।
शिव मंदिर चौक, नर्मदा नगर स्थित लिल्हारे जलपान गृह में बिना खाद्य पंजीयन के खाद्य कारोबार संचालित किया जाना पाया गया। साथ ही परिसर में स्वच्छता व्यवस्था भी अत्यंत खराब मिली। इस पर बिना खाद्य पंजीयन एवं अस्वच्छता का प्रकरण दर्ज किया गया।
इसी क्रम में मेन रोड, सरस्वती नगर स्थित शक्ति नमकीन उद्योग एवं चाय-नाश्ता दुकान का निरीक्षण किया गया। यहां भी बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार, खुले में खाद्य सामग्री का विक्रय तथा परिसर में गंदगी पाए जाने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध बिना खाद्य पंजीयन एवं अस्वच्छता का प्रकरण तैयार किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि तैयार किए गए सभी प्रकरण शीघ्र ही न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी होटल एवं खाद्य कारोबारियों को खाद्य पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने, स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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