बालाघाट
मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत बालाघाट जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित जनकल्याण शिविरों में कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती एवं खरीफ फसल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। 👉 बालाघाट विकासखंड के ग्राम सालेटेका में आयोजित शिविर में किसानों को धान बीज उपचार, नरवाई प्रबंधन, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), प्राकृतिक खेती, हरी खाद तथा धान और अरहर फसल प्रदर्शनों की जानकारी दी गई। वहीं लालबर्रा के बकोड़ा ग्राम में डीएसआर पद्धति, नरवाई प्रबंधन तथा मूंग-उड़द फसलों की गिरदावरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
👉 बैहर विकासखंड के सिजोरा ग्राम में आयोजित शिविर में किसानों को नमक घोल से बीज उपचार की वैज्ञानिक विधि तथा डीएसआर तकनीक से धान की बुवाई के लाभ बताए गए। साथ ही वनाधिकार पट्टा धारक किसानों को ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण की जानकारी भी प्रदान की गई।
👉 किरनापुर विकासखंड के पाला ग्राम में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक एवं जैविक खेती, हरी खाद, प्रमाणित बीजों के उपयोग और बीज उपचार के महत्व पर किसानों को जागरूक किया गया। इसके अलावा नेवरगांवकला में आईआरआरआई के सहयोग से संचालित कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को जलवायु-अनुकूल एवं उच्च उपज देने वाली धान किस्मों के बीज वितरित किए गए।
👉 उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान जिलेभर में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें और खेती को अधिक लाभकारी बना सकें। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती और प्रमाणित बीजों के उपयोग को अपनाने की अपील की।
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