ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग लांजी के संयुक्त तत्वावधान में एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय लांजी में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पीएचई विभाग के मुख्य कार्यपालन यंत्री बी.एल. उइके एवं सहायक यंत्री रविन्द्र हट्टेवार के मार्गदर्शन में तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक रेखा सोनवाने की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ककोड़ी, पालडोंगरी, लांजी ‘अ’ एवं लांजी ‘ब’ सेक्टर की कुल 106 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना तथा जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर क्षमता विकसित करना था। इस दौरान कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
मुख्य प्रशिक्षकों शीतल मिश्रा, पीएमयू समन्वयक हरीश झा, ब्लॉक समन्वयक ओमप्रकाश शिवनकर, रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे एवं आई-केमिस्ट उज्जवल हरिन्द्रवार ने प्रशिक्षण प्रदान किया। ब्लॉक समन्वयक ओमप्रकाश शिवनकर ने एफटीके किट के उपयोग का लाइव प्रदर्शन करते हुए बताया कि इसके माध्यम से पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन, हार्डनेस, क्लोरीन तथा पीएच स्तर की जांच कम समय में की जा सकती है।
प्रशिक्षकों ने बताया कि दूषित जल के सेवन से बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जल स्रोतों की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर पर्यवेक्षक रेखा सोनवाने ने जल जीवन मिशन के तहत सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्रोतों की जांच कर नियमित रूप से डेटा संधारित करेंगी तथा दूषित जल मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगी।
पीएमयू समन्वयक हरीश झा ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जल गुणवत्ता निगरानी में उनकी सक्रिय भागीदारी गांवों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। प्रशिक्षण के दौरान सभी 106 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की एफटीके यूजर आईडी भी तैयार की गई।
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