शर्मनाक: जिंदगी से ज्यादा एक 'सरकारी कार्ड' जरूरी? कैंसर से तड़पते हैदर का जिम्मेदार कौन!

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 क्या सिस्टम की चौखट पर एक कैंसर मरीज सिर्फ इसलिए दम तोड़ देगा क्योंकि उसके पास एक सरकारी कार्ड नहीं है? रायसेन के वार्ड 6 का रहने वाला हैदर मुंह के कैंसर से बुरी तरह तड़प रहा है, हालत इतनी गंभीर है कि वो ना कुछ खा पा रहा है और ना ही पानी पी पा रहा है, लेकिन हमारे सिस्टम को उसकी जान से ज्यादा कागजों की फिक्र है! पिछले 3 महीने से उसका गरीब परिवार एक अदद आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए नगर पालिका से लेकर कलेक्ट्रेट तक की चौखट पर चप्पलें घिस रहा है, लेकिन उन्हें सिर्फ तारीखें और कोरे आश्वासन ही मिले हैं। आयुष्मान कार्ड ना होने की वजह से भोपाल के हमीदिया और कैंसर अस्पताल से भी इस गरीब को बिना इलाज के खाली हाथ लौटना पड़ा है। करोड़ों की स्वास्थ्य योजनाओं का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार के राज में एक इंसान सिर्फ इसलिए जिंदगी से हार रहा है क्योंकि सिस्टम फाइलों में उलझा है; अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या रायसेन प्रशासन इस खबर के बाद गहरी नींद से जागेगा या एक और गरीब इलाज के इंतजार में हमेशा के लिए अपनी आंखें मूँद लेगा!


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