कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरिता कोल्हेकर, मुख्य अतिथि श्रीमती सरिता दांदरे, विशिष्ट अतिथि श्रीमती रीता मिश्रा एवं डॉ. मिथिलेश्वरी घोरमारे उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की रूपरेखा संयोजक प्रो. सरिता नागवंशी, सह संयोजक प्रो. नरेन्द्र कुमार डोंगरे एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रक्षा निकोसे द्वारा तैयार की गई। प्रारंभ में डॉ. रक्षा निकोसे ने ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसकी आवश्यकता को विस्तार से समझाया।
मुख्य अतिथि श्रीमती सरिता दांदरे ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर डॉ. मिथिलेश्वरी घोरमारे ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में मां की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य डॉ. सरिता कोल्हेकर ने अपने उद्बोधन में महिलाओं की समाज में बढ़ती भागीदारी और योगदान को रेखांकित करते हुए अधिनियम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. नरेन्द्र कुमार डोंगरे द्वारा किया गया तथा अंत में संयोजक प्रो. सरिता नागवंशी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री कृष्णा पराते, डॉ. टीना बिसेन, श्रीमती हर्षिता मेश्राम, श्रीमती मनीषा सहारे, श्रीमती रश्मिबाला पारधी, सुश्री शिखा देवगीरकर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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