"पंचायत के 'सचिव जी' से पंगा लेना मैडम को भारी पड़ गया... 15 हज़ार के लालच में हाथ तो पीले हुए ही, साथ में इज्जत भी धुल गई!"

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इंदौर के पास महू की यशवंत नगर पंचायत में 'सचिव जी' (रमेशचंद्र चौहान) ने वो कर दिखाया, जो अच्छे-अच्छे अधिकारी नहीं कर पाते! सिस्टम को अंदर से खोखला कर रहे दीमक को उन्होंने उसी के जाल में फंसा दिया।

सड़क निर्माण की 4.5 लाख की फाइल आगे बढ़ाने के लिए उपयंत्री सावित्री मुवैल ने 15,000 रुपये की घूस मांगी थी। मैडम को लगा था कि 'सचिव जी' डर कर चुपचाप पैसे दे देंगे, लेकिन सचिव जी ने बिना डरे सीधा लोकायुक्त का दरवाज़ा खटखटाया। प्लानिंग पक्की थी! जैसे ही सचिव जी ने मैडम के हाथों में केमिकल लगे 15 हजार रुपये थमाए, ताक में बैठी लोकायुक्त टीम ने दबिश दे दी। पुलिस ने जैसे ही मैडम के हाथ धुलवाए, पानी का रंग पीला हो गया और उनके चेहरे का रंग उड़ गया! हक्की-बक्की मैडम को सीधा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धर दबोचा गया।

सिस्टम को साफ करने के लिए आज हर जगह ऐसे ही निडर 'सचिव जी' की जरूरत है, जो भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेकने के बजाय घूसखोरों को हवालात का रास्ता दिखाएं!

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