जिला क्षय अधिकारी डॉ. प्रियव्रत सोनकर एवं मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी बिरसा डॉ. के. सुनील सिंह के समन्वय में ग्राम भूतना, माचुर्दा, पितकोना एवं घुम्मर में शिविर लगाए गए। इन शिविरों में आधुनिक हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से टीबी की सक्रिय स्क्रीनिंग की गई, जिससे संभावित मरीजों की समय रहते पहचान सुनिश्चित हो सकी।
शिविर के दौरान ग्रामीणों की ब्लड प्रेशर, एचआईवी, बीएमआई एवं शुगर की जांच भी की गई। संभावित टीबी मरीजों के बलगम के नमूने एकत्रित कर जांच हेतु भेजे गए, ताकि रोग की पुष्टि कर शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके। चिन्हित संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में टीबी मुक्त भारत के निर्माण हेतु सभी उपस्थित जनों को शपथ दिलाई गई, जिसमें लोगों ने सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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