Cervical cancer से बचाव के लिए 14 वर्ष की बालिकाओं को लगेगा नि:शुल्क टीका ।

बालाघाट
28 फरवरी से 10 केंद्रों पर अभियान की शुरुआत, 12,449 बालिकाओं को टीकाकरण का लक्ष्य
 महिलाओं में होने वाले कैंसरों में Breast cancer के बाद Cervical cancer (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) मृत्यु का प्रमुख कारण है। इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा 28 फरवरी से देशव्यापी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इसी क्रम में बालाघाट जिले में भी 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए 10 निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi 28 फरवरी को Ajmer, Rajasthan से इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करेंगे। उल्लेखनीय है कि Madhya Pradesh में सर्वाइकल कैंसर से प्रति एक लाख महिलाओं पर लगभग 156 महिलाओं की मृत्यु दर्ज की जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना के मार्गदर्शन में जिले में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी (15 वर्ष से कम आयु) 12 हजार 449 बालिकाओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बालिकाओं को इस घातक बीमारी से बचाने हेतु अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि 
सामान्यतः यह टीका निजी अस्पतालों में लगभग 4 हजार रुपये प्रति डोज की दर से लगाया जाता है तथा इसके दो डोज लगते हैं। किंतु शासन द्वारा संचालित इस विशेष अभियान में एक डोज ही लगाया जाएगा और यह पूर्णतः नि:शुल्क रहेगा।
इन केंद्रों पर होगा टीकाकरण
जिले में निम्न संस्थाओं को लक्ष्य आवंटित किया गया है –
जिला चिकित्सालय बालाघाट – 1998
सिविल अस्पताल बैहर – 1633
सिविल अस्पताल लांजी – 1185
सिविल अस्पताल वारासिवनी – 1228
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा – 1487
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी – 1360
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरलांजी – 1009
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किरनापुर – 903
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा – 853
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसवाड़ा – 793
टीकाकरण के लिए बालिकाओं को अपना आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित एवं निःशुल्क है।
डॉ. उपलप ने यह भी कहा कि जिन बालिकाओं को निजी अस्पताल में पहले से टीके की एक डोज लग चुकी है, वे इस अभियान में शामिल न हों। अलग-अलग प्रकार के टीकों के मिश्रण से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण Human papillomavirus (HPV) संक्रमण है, जो सामान्यतः यौन संपर्क से फैलता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन असामान्य रक्तस्राव, दुर्गंधयुक्त स्राव, कमर या श्रोणि में दर्द जैसे संकेत मिलने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि समय पर जागरूकता, नियमित जांच और HPV टीकाकरण से इस कैंसर को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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