“रायसेन कलेक्ट्रेट आज नारों से गूंज उठा—हाथों में झंडियां, सड़कों पर हजारों कदम और सीधे पीएम-सीएम के नाम ज्ञापन!” जिला मुख्यालय रायसेन में आज भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारी रैली निकालते हुए मुख्य मार्गों से कलेक्ट्रेट पहुंचे और वेतन, सामाजिक सुरक्षा व नियमितीकरण सहित लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि वह संगठित और असंगठित क्षेत्र के नियमित, संविदा, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन कर्मचारियों, पेंशनर और वरिष्ठ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करता है और 10 वर्ष से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को स्थायी करने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सेवा सुरक्षा नीति, संविदा नीति 2023 की कुछ धाराओं में संशोधन, समान कार्य के लिए समान वेतन, महंगाई भत्ता, एचआरए, एनपीएस व हेल्थ इंश्योरेंस जैसे लाभ लागू करने की मांग की। साथ ही 2007 से कृषि विभाग की आत्मा परियोजना में कार्यरत किसान मित्र और दीदी की सेवाएं बहाल करने की बात दोहराई गई। संगठन ने केंद्र सरकार से सभी श्रमिकों पर श्रम कानून बिना छूट लागू करने, इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 में श्रमिकों की चिंताओं का समाधान करने तथा इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस व त्रिपक्षीय समितियों के पुनर्गठन की मांग भी रखी—अब देखना ये है कि इस हुंकार के बाद सत्ता के गलियारों में कितना असर होता है।

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