शिविर में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का बीपी, शुगर एवं बीएमआई (BMI) की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आवश्यक रक्त परीक्षण भी किए गए, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को अपने स्वास्थ्य की अद्यतन जानकारी प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने योग एवं प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, रक्तचाप नियंत्रित रखने, श्वसन क्षमता बढ़ाने, नींद में सुधार लाने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ करने में सहायक होता है। इसके पश्चात आयुष विभाग के योग प्रशिक्षकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को योग-प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। शिविर में आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण भी किया गया, जिसमें च्यवनप्राश एवं द्राक्षावलेह सहित अन्य उपयोगी औषधियां शामिल रहीं।
कार्यक्रम में सिटी वेलफेयर सोसाइटी बालाघाट एवं तैराकी संघ बालाघाट का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। शिविर का आयोजन जिला आयुष अधिकारी डॉ. मिलिंद चौधरी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली चौके, डॉ. भूपेंद्र उईके, डॉ. मनीषा मरकाम सहित पैरामेडिकल स्टाफ गौतम मासूरकर, वंदना राजपूत, गीता टेंभरे, सुरेश पटले, कैलाश मात्रे, पुरुषोत्तम भगत एवं श्वेता हनवत की सक्रिय सहभागिता रही।
स्वास्थ्य विभाग से ढीमरटोली बूढ़ी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बालाघाट की डॉ. प्रिया मोते तथा नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती प्रीति देवीकर एवं ऋतु पटले ने सहयोग प्रदान किया। वहीं सिटी वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सुभाष गुप्ता एवं राजेश वर्मा द्वारा भी शिविर में सहयोग दिया गया।
शिविर में शामिल वरिष्ठ नागरिकों ने इस प्रकार की पहल को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
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