बालाघाट में धान की कस्टम मिलिंग को लेकर कलेक्टर की राइस मिलर्स संग बैठक 38 मिलर्स ने अनुबंध के लिए दी सहमति, शीघ्र शुरू होगा कार्य।

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बालाघाट
जिले में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग को व्यवस्थित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर मृणाल मीना ने 18 फरवरी को राइस मिलर्स के साथ बैठक कर विस्तार से चर्चा की। बैठक में जिले में कस्टम मिलिंग कार्य शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर दिया गया।
बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक हरिश कोरी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील किरार, राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद ठाकरे सहित जिले के राइस मिलर्स उपस्थित रहे।
कलेक्टर मृणाल मीना ने मिलर्स से चर्चा के दौरान कहा कि कस्टम मिलिंग से तैयार होने वाला चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब एवं कमजोर वर्ग को उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में मिलर्स इस कार्य को सेवा भावना से करें और किसी भी प्रकार के अनैतिक लाभ से बचें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कस्टम मिलिंग से जुड़ी समस्याओं का शासन के नियमों के तहत हर संभव निराकरण किया जाएगा।बैठक में एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद ठाकरे ने मिलिंग प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही गत वर्ष के भुगतान एवं सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि मिलर्स शीघ्र अनुबंध कर कस्टम मिलिंग कार्य प्रारंभ करेंगे।
बैठक के दौरान 38 राइस मिलर्स ने धान की कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंध करने की सहमति प्रदान की, जबकि अन्य मिलर्स द्वारा भी शीघ्र अनुबंध किए जाने की जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि बालाघाट प्रदेश का प्रमुख धान उत्पादक जिला है, जहां कस्टम मिलिंग के माध्यम से तैयार चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी है।
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