मनरेगा से सावंगी की 19 महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’।

बालाघाट
बालाघाट जिले की जनपद पंचायत वारासिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत सावंगी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत संचालित “पौध उत्पादन कार्य (नर्सरी स्थापना)” ने ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायी कहानी लिखी है। वर्ष 2020 में शुरू हुई इस योजना ने गांव की 19 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है।इस परियोजना पर लगभग 47.36 लाख रुपये की लागत आई, जिसके माध्यम से 10,832 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में महिलाओं को नर्सरी विकास, बीज उत्पादन, पौध तैयार करने एवं विपणन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने स्वयं पौध उत्पादन और विक्रय का कार्य प्रारंभ किया,जिससे उन्हें स्थायी आय का साधन मिला।
मनरेगा के अंतर्गत 100 दिवस का रोजगार प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों की बिक्री से भी समूह को अतिरिक्त लाभ हुआ।
वर्ष 2020-21 में ₹2 लाख
2021-22 में ₹4 लाख
2022-23 में ₹5 लाख
2023-24 में ₹5 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया।
वर्ष 2023-24 में लगभग 6 लाख पौधों का विक्रय किया गया, जिसके फलस्वरूप समूह की सभी 19 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
परियोजना से पहले ये महिलाएं मजदूरी पर निर्भर थीं, लेकिन आज वे आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का बेहतर भरण-पोषण कर रही हैं और अपने बच्चों को अच्छे विद्यालयों में शिक्षा दिला पा रही हैं। इस पहल से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि गांव में हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
मनरेगा के अंतर्गत सावंगी की यह नर्सरी स्थापना योजना ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
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