“राष्ट्रहित सबसे ऊपर… और स्वहित बाद में!”

 


सिलवानी में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हुई प्रमुख जन गोष्ठी में यही संदेश गूंजा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विदिशा विभाग के विभाग कार्यवाह नवीन जोशी ने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाना है। उन्होंने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा—अंक ज्ञान, संगीत, शिक्षा और परिवार व्यवस्था—का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व को दिशा देने वाला भारत लगभग एक हजार वर्षों की पराधीनता भी झेल चुका है, लेकिन संघर्ष कर अपनी पहचान बनाए रखा। अपने संबोधन में उन्होंने हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान, धर्म के व्यापक अर्थ, सामाजिक समरसता और संगठन की भूमिका पर विस्तार से विचार रखे। कार्यक्रम में जिला कार्यवाह राजेंद्र सिंह राजपूत सहित संघ के पदाधिकारी, स्वयंसेवक और सिलवानी नगर के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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