. बालाघाटजिले के खैरलांजी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सावरगांव में कक्षा 5वीं की परीक्षा देने जा रहा एक 10 वर्षीय बालक दुर्घटना का शिकार हो गया। समय पर संजीवनी आपातकालीन सेवा 108 की त्वरित कार्रवाई और चिकित्सकीय समन्वय के चलते बालक को जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा सका।प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 फरवरी को सावरगांव निवासी प्रिंस बिसेन (पिता – महेश बिसेन), उम्र 10 वर्ष, परीक्षा देने के लिए अपने विद्यालय जा रहा था। इसी दौरान वह वाहन से गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों द्वारा संजीवनी 108 सेवा को अवगत कराया गया।
सूचना मिलते ही संजीवनी 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस में पदस्थ ईएमटी डॉ. गौरी शंकर पटले एवं टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान करते हुए बच्चे की स्थिति को स्थिर किया और उसे जिला चिकित्सालय बालाघाट पहुंचाया।चिकित्सकों द्वारा जांच के उपरांत बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च स्तरीय उपचार के लिए AIIMS नागपुर रेफर किया गया।
ईएमटी डॉ. गौरी शंकर पटले ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक थी, इसलिए बिना विलंब के रेफरल आवश्यक था। जिला चिकित्सालय से त्वरित समन्वय स्थापित कर बच्चे को सुरक्षित रूप से नागपुर पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में संजीवनी 108 सेवा की तत्परता कई बार मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होती है। इस घटना में भी समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से एक मासूम की जान बचाई जा सकी।
घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग एवं संजीवनी 108 टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सेवा की सराहना की है। ग्रामीणों ने भी आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को राहतकारी बताया।
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