Silwani: सड़क पर जान बचाने की सीख क्यों ज़रूरी?


सिलवानी: 
सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में थाना प्रभारी पूनम सविता ने पुलिस बल के साथ छात्र-छात्राओं को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार के स्पष्ट और व्यावहारिक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि सचेत करना था—क्योंकि दुर्घटनाएं अक्सर अचानक नहीं, हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियों से जन्म लेती हैं। छात्रों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के अनिवार्य उपयोग, वाहन की गति नियंत्रित रखने और ट्रैफिक नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। नशे की हालत में वाहन चलाने को मानव जीवन के लिए अत्यंत घातक बताते हुए कहा गया कि यह केवल चालक ही नहीं, सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालता है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में शासन द्वारा संचालित हेल्पलाइनों का तुरंत उपयोग करें—क्योंकि समय पर मदद जीवन बचा सकती है। “पुलिस आपकी मित्र है”—इस संदेश के साथ विद्यार्थियों को निर्भीक होकर सहयोग लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य मनोहर लाल कोरी, एसआई कविता यादव, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वक्ताओं ने तथ्यात्मक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि नियमों का पालन बोझ नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच है। यह आयोजन किसी अफवाह या आरोप पर आधारित नहीं था, बल्कि सत्यापित, व्यावहारिक और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े संदेशों पर केंद्रित रहा। कुल मिलाकर, यह पहल युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में सामने आई, जहां सावधानी को आदत और नियमों को संस्कार बनाने का आह्वान किया गया।

केके रिपोर्टर आपसे पूछता है—क्या आप रोज़ सड़क पर निकलते समय ये नियम सच में अपनाते हैं?

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