रायसेन में हत्या के प्रयास के एक गंभीर प्रकरण में फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 6 अगस्त 2025 को थाना कोतवाली में दर्ज उस एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें फरियादी मयंक चतुर्वेदी ने पुरानी जमीन की रंजिश को लेकर जानलेवा हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपीगण ने कथित तौर पर अश्लील गालियाँ देते हुए तलवारों और डंडों से हमला किया, जिसमें अमित और सुमित को सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि बीच-बचाव करने आए फरियादी और उनके पिता रामबाबू चतुर्वेदी भी घायल हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र गोयल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान पहले ही सेवकराम चतुर्वेदी और प्रशांत पाण्डेय को गिरफ्तार किया जा चुका था तथा साक्ष्यों के आधार पर धाराओं में इजाफा किया गया। लगातार तलाश, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अब नवीन चतुर्वेदी, मोहित चतुर्वेदी और नव्यम चतुर्वेदी—तीनों निवासी वार्ड नंबर 05 तिपट्टा बाजार—को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है और उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली पुलिस, साइबर सेल और महिला पुलिसकर्मियों सहित टीम की समन्वित भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विवेचना निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित रहेगी, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और कानून का भरोसा कायम रहे! केके रिपोर्टर आपसे पूछता है— ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी से क्या समाज में कानून का डर मजबूत होता है?
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