सिवनी, 22 नवम्बर 2025।
सिवनी जिले के विकास की धीमी गति को लेकर जागरूक नागरिक समय-समय पर चिंता जताते रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर अहरवाल का कहना है कि जिले में भले ही बुनियादी विकास ठहर गया हो, लेकिन जंगली जानवरों, जुआरियों, अवैध खनन माफिया और शराब माफिया का 'विकास' बेहिसाब रफ्तार से बढ़ा है। “ऐसा लगता है जैसे सिवनी जिला इन गतिविधियों के लिए आरक्षित कर दिया गया हो,” उन्होंने कहा।
जंगली जानवरों की आवाजाही में वृद्धि
अहरवाल के अनुसार, पेंच नेशनल पार्क से जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। कभी वे इंसानों पर हमला कर देते हैं और कभी खुद भी शिकार हो जाते हैं। यह स्थिति लगातार गंभीर हो रही है।
जुआ फड़ का फैलता नेटवर्क
उन्होंने बताया कि जिले में जुआ फड़ की चर्चा आम हो चुकी है। इसमें बड़े व्यापारियों से लेकर गरीब तबके तक के लोग शामिल होते हैं, जिससे अपराध और सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है।
अवैध खनन से मालामाल होते कारोबारी
अहरवाल का कहना है कि जिले में पत्थर, गिट्टी, रेत, मुरम और मिट्टी का अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस धंधे में जुड़े लोगों की तरक्की दिन दूनी-रात चौगुनी हो रही है।
राजनीतिक हस्तक्षेप और विकास में गिरावट
उन्होंने बताया कि राजनीतिक स्तर पर सिवनी को लगातार नुकसान झेलना पड़ा है।
कभी जिले की अपनी लोकसभा सीट थी, जिसे समाप्त कर बालाघाट में जोड़ दिया गया।
पहले जिले में 5 विधानसभा सीटें थीं, अब 4 रह गई हैं।
बड़ी रेल लाइन आने के बावजूद कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ।
शराब कारोबार का बढ़ता प्रभाव
अहरवाल ने कहा कि देश के नेताओं का प्रमुख बिजनेस शराब माना जाता है, और जिले में वैध-अवैध शराब कारोबार ने तेजी से पैर पसारे हैं। “शिव की नगरी में शराब और अन्य नशों की गंगा बह रही है, और इससे जुड़े लोग मालामाल होते जा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
“जन–चिंता आधारित रिपोर्ट”
सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर अहरवाल मो 94258 21553
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