शांति इंग्लिश स्कूल की बस में क्षमता से अधिक बच्चे, सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी।

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           प्रहलाद गजभिये (जिला ब्युरो बालाघाट )
भौंरगढ़ / खैरलांजी
बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। भौंरगढ़ स्थित शांति इंग्लिश स्कूल की स्कूल बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों के परिवहन का आरोप लगा है। बस में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाए जाने के दृश्य सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मासूम बच्चों की जान को जोखिम में डालने जैसा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में इतनी अधिक संख्या में बच्चों को बैठाया गया कि कई बच्चों को ठीक से बैठने तक की जगह नहीं मिली। कुछ बच्चे एक-दूसरे से सटकर बैठे दिखाई दिए। अभिभावकों का कहना है कि यदि अचानक ब्रेक लग जाए या कोई दुर्घटना हो जाए तो बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों की संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने परिवहन व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं किए हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार स्कूल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल और बेहतर शिक्षा की उम्मीद से स्कूल भेजते हैं, लेकिन ऐसी लापरवाही चिंता का विषय है।
स्कूल वाहनों के संचालन के लिए मोटरयान अधिनियम, परिवहन विभाग तथा उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत स्पष्ट सुरक्षा मानक निर्धारित हैं। नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल वाहन में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जा सकता। साथ ही प्राथमिक उपचार किट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, स्पीड गवर्नर, वैध फिटनेस प्रमाणपत्र तथा प्रशिक्षित चालक और परिचालक की व्यवस्था अनिवार्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल बसों में ओवरलोडिंग सबसे गंभीर सुरक्षा खतरों में से एक है। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने पर वाहन का संतुलन प्रभावित होता है और दुर्घटना की स्थिति में नुकसान की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जिले के सभी निजी एवं शासकीय विद्यालयों की स्कूल बसों का विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमित और प्रभावी जांच होती, तो ऐसी स्थिति सामने नहीं आती।
   👉       क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
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 किसी स्कूल बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन किया जा रहा है तो यह मोटरयान अधिनियम एवं सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। शिकायत प्राप्त होने या तथ्य सामने आने पर संबंधित वाहन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
     👉         देवेश बाथम( आर. टी . ओ . बालाघाट)
 "स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि भौंरगढ़ स्थित शांति इंग्लिश स्कूल की बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों के परिवहन की जानकारी प्राप्त हुई है, तो मामले की जांच कराई जाएगी।"
              धनश्री जैन ( जिला शिक्षा अधिकारी)
    👉       स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल के संचालक आर्यन चौधरी से हमारे संवाददाता ने दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
        👉       कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी संस्था बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
बच्चों की सुरक्षा केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। शिक्षा के साथ-साथ उनका सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना प्रत्येक विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भौंरगढ़ का यह मामला प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यदि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया, तो एक छोटी सी लापरवाही बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करते हैं।
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