युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त वातावरण देने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान 15 से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना भी है। अभियान के दौरान महाविद्यालय परिसरों में जागरूकता रैलियां, ड्रग अवेयरनेस रन, नशामुक्ति शपथ, विशेष व्याख्यान, डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन, नुक्कड़ गतिविधियां तथा जनसंदेश आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
युवा अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से भी नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। विद्यार्थियों द्वारा रील्स और शॉर्ट फिल्म निर्माण के साथ-साथ चित्रकला, निबंध, पोस्टर, स्लोगन, रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनके माध्यम से समाज को नशामुक्ति का सशक्त संदेश दिया जाएगा। स्थानीय मीडिया के सहयोग से जागरूकता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा पम्पलेट वितरित कर आमजन को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि शिक्षण परिसरों के आसपास तम्बाकू, सिगरेट एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। अभियान में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश घर-घर तक पहुंचे।
बढ़ते नशे के खतरे के बीच शुरू किया जा रहा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने का व्यापक सामाजिक संकल्प है। यदि इस अभियान में शिक्षण संस्थान, अभिभावक, विद्यार्थी और समाज समान रूप से सहभागी बनते हैं, तो प्रदेश को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है।
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