भानपुर में गूंजे सीताराम के जयकारे: मनी भव्य केवट जयंती


रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम भानपुर में हाल ही में एक अत्यंत भव्य और भक्तिमय आयोजन देखने को मिला। अवसर था परम भक्त निषादराज 'केवट' की पावन जयंती का, जिसने पूरे गांव को राम-भक्ति के गहरे रंग में रंग दिया। यह ऐतिहासिक और पवित्र कार्यक्रम भानपुर के प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास और असीम श्रद्धा-भाव के साथ संपन्न हुआ।

​रामायण काल में केवट का प्रसंग भगवान श्रीराम और एक भक्त के बीच अनन्य प्रेम, निस्वार्थ समर्पण और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। इसी पावन भावना को आज के समय में जीवंत करते हुए भानपुर के ग्रामीणों ने इस दिन को एक विशाल उत्सव के रूप में मनाया।

​इस भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण 'सीताराम' नाम का अखंड कीर्तन रहा। जब ढोलक और मंजीरों की थाप पर ग्रामीणों ने एक स्वर में प्रभु श्रीराम और माता जानकी का जयघोष किया, तो पूरा वातावरण गूंज उठा। कीर्तन की धुन और भक्ति के इस शक्तिशाली प्रवाह ने उपस्थित हर एक व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​कार्यक्रम की भव्यता और इसका महत्व तब और भी बढ़ गया जब इस आयोजन में राजा राज प्रताप सिंह ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। उनका आम ग्रामीणों के बीच बैठकर प्रभु की भक्ति में शामिल होना, त्रेतायुग के उसी 'राम-केवट मिलन' की याद दिला गया, जहां प्रेम के आगे कोई ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं था। राजा राज प्रताप सिंह ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कीर्तन का आनंद लिया। इस दौरान पूरे गांव के लोग भारी संख्या में एकत्रित हुए। इस शानदार आयोजन ने न सिर्फ क्षेत्रीय संस्कृति को मजबूती दी, बल्कि आपसी भाईचारे और सनातन धर्म के प्रति अटूट आस्था का एक बेहद 'कड़क' और शक्तिशाली उदाहरण पेश किया है।




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