कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 18 मार्च को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर केंद्र सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, कुसुम-बी योजना, नल-जल योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना तथा टीकाकरण कार्यक्रम की बिंदुवार प्रगति की जानकारी ली।
कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण कराने, अपूर्ण कार्यों में तेजी लाने तथा हितग्राहियों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी स्ट्रीट वेंडर्स को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराने और पुनर्भुगतान की स्थिति में सुधार लाने पर जोर दिया।
नल-जल योजना के तहत हर घर नल कनेक्शन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जल आपूर्ति नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। साथ ही जहां कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए और छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता से कवर किया जाए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग करें, मैदानी स्तर पर निरीक्षण बढ़ाएं और प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें, ताकि जिले में विकास कार्यों को गति मिल सके और आमजन को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
