सिलवानी और गैरतगंज में कलेक्टर का निरीक्षण: क्या वाकई किसानों को मिल रहा है पूरा हक… या फिर सब कुछ सिर्फ कागज़ों तक सीमित है?


रायसेन जिले में गेहूं उपार्जन केंद्रों की हकीकत जानने के लिए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अचानक गैरतगंज और सिलवानी क्षेत्र में कई केंद्रों का निरीक्षण किया। सरकार के निर्देश पर समर्थन मूल्य पर खरीदी का काम जारी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या जमीनी स्तर पर सब कुछ उतना ही साफ और व्यवस्थित है, जितना फाइलों में दिखाया जाता है?

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपज की गुणवत्ता, तौल प्रक्रिया, बारदाने की उपलब्धता और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों से खरीदी की मात्रा, भुगतान की स्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर सीधी जानकारी ली गई। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भुगतान में देरी न हो और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि केंद्रों पर छाया, पीने के पानी और बैठने की उचित व्यवस्था हो, ताकि किसानों को इंतजार के दौरान दिक्कत न हो। किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं, जिससे असल स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके।

लेकिन असली सवाल यहीं खड़ा होता है—क्या ये निरीक्षण सिर्फ एक औपचारिकता है या फिर इससे जमीनी हालात में सच में सुधार आएगा? क्योंकि कई बार ऐसे दौरे होते तो हैं, लेकिन बदलाव फाइलों से बाहर नहीं निकल पाता।

अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन के सख्त निर्देशों का असर जमीन पर दिखेगा या फिर किसानों की मेहनत का सही मूल्य मिलने का इंतजार जारी रहेगा।




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