बालाघाट में गोबर के उपलों से हुआ होलिका दहन, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।

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बालाघाट
 रंगों के पर्व होली के अवसर पर इस वर्ष बालाघाट नगर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। 02 मार्च को नगरीय क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में नागरिकों द्वारा पारंपरिक लकड़ियों के स्थान पर गोबर के उपलों और गौकाष्ठ से होलिका दहन किया गया। इस पहल के माध्यम से नगरवासियों ने स्वच्छ एवं हरित होली मनाने का संदेश दिया।दरअसल होलिका दहन के लिए बड़ी मात्रा में लकड़ियों का उपयोग किया जाता है, जिससे वनों पर दबाव बढ़ता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष बालाघाट नगर में कई स्थानों पर गोबर से बने उपलों और गौकाष्ठ का उपयोग कर होलिका दहन किया गया। यह तरीका न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इससे वनों की कटाई को भी कम करने में मदद मिलती है।
नगर के विभिन्न वार्डों में आयोजित होलिका दहन कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने इस पहल का समर्थन करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाई और भविष्य में भी इस तरह की पर्यावरण हितैषी परंपराओं को अपनाने का संकल्प लिया।
होलिका दहन के दौरान नागरिकों को प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने, रासायनिक रंगों के उपयोग से दूर रहने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने की अपील भी की गई। आयोजकों ने बताया कि प्राकृतिक रंगों से होली खेलने से जहां स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है, वहीं पर्यावरण पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री बी.डी. कतरोलिया ने नगर के विभिन्न वार्डों के पार्षदों तथा होलिका दहन आयोजन समितियों के पदाधिकारियों से चर्चा कर उन्हें गौकाष्ठ या गोबर के उपलों से होलिका दहन करने के लिए प्रेरित किया था। प्रशासन की इस पहल का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और कई वार्डों में नागरिकों ने पर्यावरण के अनुकूल होलिका दहन किया।
नगरवासियों ने इस पहल को खुले दिल से स्वीकार करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार जागरूकता बढ़ती रही तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण के अनुकूल त्यौहार मनाने की परंपरा और भी मजबूत होगी। 
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