नगर के विभिन्न वार्डों में आयोजित होलिका दहन कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने इस पहल का समर्थन करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाई और भविष्य में भी इस तरह की पर्यावरण हितैषी परंपराओं को अपनाने का संकल्प लिया।
होलिका दहन के दौरान नागरिकों को प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने, रासायनिक रंगों के उपयोग से दूर रहने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने की अपील भी की गई। आयोजकों ने बताया कि प्राकृतिक रंगों से होली खेलने से जहां स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है, वहीं पर्यावरण पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री बी.डी. कतरोलिया ने नगर के विभिन्न वार्डों के पार्षदों तथा होलिका दहन आयोजन समितियों के पदाधिकारियों से चर्चा कर उन्हें गौकाष्ठ या गोबर के उपलों से होलिका दहन करने के लिए प्रेरित किया था। प्रशासन की इस पहल का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और कई वार्डों में नागरिकों ने पर्यावरण के अनुकूल होलिका दहन किया।
