कार्यक्रम के अंतर्गत किरनापुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रजेगांव, देवगांव मौदा तथा गोदरी-भरतपुर, वारासिवनी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत दीनी, पुनी-मुरमाड़ी, दिनेरा, पदमपुर, आमगांव, बरबसपुर, लड़सड़ा, डोंगरगांव-महाराजपुर, मंगेझरी, जयरामटोला-स्कूलटोला, कोस्ते, बासी और बोदलकसा, खैरलांजी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बेनी-बेनिटोला, साकड़ी-पांचोंटोला, भेंडारा, भानपुर और नवेगांव-3 तथा बालाघाट जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कुम्हारी-छोटी कुम्हारी, धापेवाड़ा, हट्टा, हरि मंगलम लॉन मोतीनगर बालाघाट और सालेटेका में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों में संस्था की सांस्कृतिक टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक, सभा तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से ग्रामीणों को भूकंप, बाढ़, लू-ताप, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को आपदा की स्थिति में सतर्क रहने और सही तरीके से प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार बिजेवार ने ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी आपदा प्रबंधन टीमों के गठन पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी टीमें आपदा के समय तत्काल राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बीड़ी-सिगरेट के जलते टुकड़ों को इधर-उधर न फेंकने, रसोई में जलती आग से सावधानी बरतने तथा अन्य मानवीय आपदाओं से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की।
कार्यक्रमों में संस्था की सचिव श्रीमती ममता भगत, संबंधित ग्राम पंचायतों के पटवारी, सरपंच, सचिव, सहायक सचिव, पंचगण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थी, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस अभियान को सफल बनाने में संस्था की सांस्कृतिक टीम के प्रचार-प्रसार प्रभारी लक्ष्मीचंद ठाकरे, गायक राधे नगपुरे, कलाकार नारायण पटेल, सुश्री आरती पटेल, सुश्री गंगा पटेल और कलाकार सिद्धू जी का सराहनीय सहयोग रहा।
